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हैमर अंतरिक्षयान

May 18th, 2018
NASA
  • वर्तमान परिदृश्य
  • संयुक्त राज्य अमेरिका की अंतरिक्ष अनुसंधान संस्था ‘नासा’ (NASA) ने नाभिकीय अंतरिक्षयान ‘हैमर’ (Hammer : Hypervelocity Asteroid Mitigation for Emergency Response) के प्रक्षेपण की योजना बनाई है।
  • इस योजना में नासा का सहयोग अमेरिका के ‘राष्ट्रीय नाभिकीय सुरक्षा प्रशासन’ (NNSA) और दो अन्य राष्ट्रीय  प्रयोगशालाओं द्वारा किया जा रहा है।
  • उद्देश्य
  • हैमर अंतरिक्षयान को प्रक्षेपित करने का उद्देश्य पृथ्वी की ओर आ रहे संभावित खतरे वाले क्षुद्रग्रहों के मार्ग को परिवर्तित करना अथवा उन्हें नष्ट करना है।
  • महत्वपूर्ण तथ्य
  • हैमर अंतरिक्षयान की लंबाई लगभग 9 मीटर और वजन 8 टन होगा।
  • इस यान का उपयोग काइनेटिक इंपैक्टर (धक्का देने वाला उच्च गति का अंतरिक्षयान) अथवा धक्का देने में सक्षम नाभिकीय उपकरण के वाहक के रूप में किया जा सकता है।
  • इस अंतरिक्षयान की मदद से पृथ्वी के लिए संभावित खतरा प्रतीत होने वाले क्षुद्रग्रहों को पृथ्वी के आकाश क्षेत्र से बाहर धकेल दिया जाएगा।
  • यह अंतरिक्षयान दो तरीकों से किसी क्षुद्रग्रह के पृथ्वी से टकराने से रोकेगा-पहला, इसके द्वारा क्षुद्रग्रहों को धक्का देकर उनके मार्ग में परिवर्तन कर दिया जाएगा और दूसरा, अधिक खतरनाक प्रतीत हो रहे क्षुद्रग्रहों को हैमर अंतरिक्षयान के नाभिकीय मुखास्त्र का प्रयोग कर नष्ट कर दिया जाएगा।
  • हैमर अंतरिक्षयान का विकास ‘बेनू’ (Bennu) नामक क्षुद्रग्रह की निगरानी के लिए नासा (Nasa) के कार्यक्रम का हिस्सा है।
  • अन्य महत्वपूर्ण तथ्य
  • ‘बेनू’ क्षुद्रग्रह को पृथ्वी से प्रत्येक 6 वर्ष पर देखा जा सकता है और  अनुमान है कि वर्ष 2135 में यह पृथ्वी एवं चंद्रमा के मध्य से गुजरेगा।
  • पृथ्वी एवं चंद्रमा के मध्य से गुजरने के दौरान क्षुद्रग्रह ‘बेनू’ के पृथ्वी से टकराने की संभावना व्यक्त की जा रही है।
  • सितंबर, 2016 में नासा द्वारा क्षुद्रग्रह बेनू के सैंपल लाने के लिए ‘ओसिरिस रेक्स’ (Osiris-rex) मिशन का प्रक्षेपण किया गया था।
  • यह मिशन 2018 में बेनू पर पहुंचेगा और सैंपल लेकर वर्ष 2023 में पृथ्वी पर लौटेगा।
  • क्षुद्रग्रह बेनू की खोज वर्ष 1999 में हुई थी जो 63000 मील/घंटे की दर से सूर्य की परिक्रमा कर रहा है और पृथ्वी से 54 मिलियन मील दूर है।

लेखक-नीरज ओझा