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रूस द्वारा हाइपरसोनिक मिसाइल का परीक्षण

May 18th, 2018
HyperSonic Missile Testing by Russia
  • वर्तमान परिदृश्य
  • मार्च, 2018 में रूस द्वारा हाइपरसोनिक मिसाइल ‘किंजल’ (Kinzhal) का सफल परीक्षण किया गया।
  • महत्वपूर्ण तथ्य
  • उच्च परिशुद्धता वाली किंजल मिसाइल का प्रक्षेपण मिग-31 सुपरसोनिक इंटरसेप्टर जेट विमान से किया गया।
  • इस विमान ने रूस के दक्षिण-पश्चिम के दक्षिणी सैन्य जिले में स्थित एक हवाई क्षेत्र से उड़ान भरी थी।
  • रूसी भाषा के शब्द ‘किंजल’ का अर्थ ‘खंजर’ (Dagger) होता है।
  • 8 मीटर लंबी और 1 मीटर व्यास वाली इस मिसाइल का वेग ध्वनि के वेग का 10 गुना है।
  • यह मिसाइल वायु रक्षा प्रणाली से बच निकलने में सक्षम है।
  • वायु से सतह में मार करने वाली इस मिसाइल की मारक क्षमता 2000 किमी. (1200 मील) है।
  • यह मिसाइल 480 किग्रा. का परंपरागत एवं नाभिकीय नीतभार ले जाने में सक्षम है।
  • 1 दिसंबर, 2017 से इस मिसाइल को दक्षिणी सैन्य जिले में तैनात किया गया है।
  • रूस द्वारा किंजल मिसाइल को मिग-31 सुपरसोनिक जेट में संलग्न किया जाएगा।
  • इस मिसाइल का उद्देश्य जल एवं थल से उत्पन्न खतरों को नष्ट करना है।
  • रूसी राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन ने किंजल मिसाइल को ‘एक आदर्श हथियार : (An Ideal Weapon) कहा है।
  • 1मार्च, 2018 को रूसी राष्ट्रपति ने अपने राष्ट्र के नाम संबोधन में नए हथियारों की शृंखला की घोषणा की थी, जिसमें से एक किंजल मिसाइल है।
  • अन्य महत्वपूर्ण तथ्य
  • सुपरसोनिक मिसाइल का वेग 1-5 मैक होता है, जबकि हाइपरसोनिक मिसाइल का वेग 5-10 मैक होता है।
  • हाइपरसोनिक मिसाइलों को दो प्रकार से दागा जा सकता है; पहला, हाइपरसोनिक मिसाइलों को अंतर-महाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलों (ICBM) या सबमरीन-लांच्ड बैलिस्टिक मिसाइलों (SLBM) के ऊपरी चरण से दागा जा सकता है और दूसरा, इन मिसाइलों को बमवर्षक विमानों से स्वतंत्र रूप से दागा जा सकता है।
  • संयुक्त राज्य अमेरिका, चीन एवं रूस द्वारा हाइपरसोनिक मिसाइलों का विकास एवं परीक्षण किया जा रहा है।

लेखक-नीरज ओझा